सड़क हादसे में गम्भीर घायल हुए रूपेश ने दुनिया को अलविदा कहने से पहले जीने के लिए जूझ रहे चार लोगों को नई जिंदगी दे दी।
अंगदान कर रूपेश ने मानवता की मिसाल कायम की है और जयपुर का सिर ऊंचा कर दिया है। जयपुर के ढहर का बालाजी इलाके का रहना वाला रूपेश गत 3 दिसम्बर को सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था और उसे सिर पर गहरी चोट लगी थी, जिसके बाद उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) ले जाया गया।
एसएमएस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में रूपेश का इलाज चल रहा था, लेकिन उसका ब्रेन डेड हो जाने के कारण एसएमएस के अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा व अन्य डॉक्टरों ने रूपेश के परिजनों को उसके अंगदान के लिए सुझाया व प्रेरित भी किया।