जयपुर शहर अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-8 ने पूर्व स्वीकृति लेकर मकान का जीर्णाद्वार कराने के बावजूद मकान सील करने और रिश्वत मांगने के आरोप में जयपुर नगर निगम के सिविल लाइन जोन के तत्कालीन उपायुक्त अमिताभ कौशिक और जेईएन सुशीलकुमार यादव सहित अन्य के खिलाफ ज्योतिनगर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने यह आदेश सरदार पटेल मार्ग निवासी कन्हैयालाल बूसर की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए। परिवाद में आरोप लगाया गया कि उसने 19 जून 2014 को निगम से स्वीकृति लेकर अपने पुराने मकान का जिर्णोद्धार करवाया था। इसके लिए उसने दस मार्च को प्रार्थना पत्र पेश किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया कि स्वीकृति के बावजूद तत्कालीन उपायुक्त अमिताभ कौशिक ने 9 मार्च 2015 को भवन को सील करने का नोटिस दिया और रिश्वत नहीं देने पर निर्माण तोडऩे की धमकी दी। इसके अलावा अन्य आरोपियों से मिलकर विभाग की नोटशीट में भी हेरफेर की।