राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले दिनों अपहृत हुई नाबालिग को 20 सितंबर को अदालत में पेश करने के आदेश दिए है।
न्यायाधीश केएस अहलुवालिया और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश भूरी देवी की ओर से दायर बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सुधीन्द्र कुमावत ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने अपनी सोलह वर्षीय पुत्री का अपहरण होने को लेकर गत 18 जून को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा भरतपुर पुलिस अधीक्षक को भी गुहार की जा चुकी है। इसके बावजूद भी उसकी पुत्री की बरामदगी नहीं हुई है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने नदबई थानाधिकारी को कहा है कि युवती को बीस सितंबर को अदालत में पेश करें।