जयपुर के कांवटिया अस्पताल में मरीजों की भीड़
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सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। सड़क हादसे में घायल एक महिला को इस हड़ताल के कारण समय पर इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई।
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत सेवारत डॉक्टरों ने आज हड़ताल कर दी। राज्य सेवारत चिकित्सक संघ के बैनर तले डॉक्टरों ने अस्पतालों के कार्य बहिष्कार करने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। उनकी यह हड़ताल मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है।
नागौर के जिला मुख्यालय पर स्थित अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल हुई महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लाडनूं थाना इलाके में बाइक पर सवार होकर महिला समेत तीन जने कहीं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कार चालक ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे हुड़ास का रहने वाला लिछमनराम, उसकी पत्नी भंवरी देवी और बेटा सूरजमल घायल हो गए। आसपास मौजूद लोग तीनों को नागौर के जेएलएन अस्पताल लेकर आए, जहां इलाज के अभाव में भंवरी देवी की मौत हो गई।