राजस्थान हाईकोर्ट ने गोविन्द शर्मा को राजस्थान नर्सिंग कौंसिल के रजिस्ट्रार के तौर पर काम करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने प्रमुख स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य निदेशक सहित गोविन्द शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश बाबूलाल शर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि नियमानुसार रजिस्ट्रार के पर पर नियुक्ति के लिए आठ से दस साल का शिक्षण अनुभव और नियमित शिक्षक होना जरूरी है। इसके अलावा राजस्थान नर्सिंग कौंसिल अधिनियम की धारा 9 के तहत कौंसिल को ही रजिस्ट्रार नियुक्त करने का अधिकार है। जबकि गोविन्द शर्मा के पास न तो तय शिक्षण अनुभव है और न ही वे नियमित शिक्षक है।
राज्य सरकार ने गत वर्ष 9 जनवरी को सैकंड ग्रेड नर्स गोविन्द शर्मा को नियमित शिक्षक बताकर कार्य संपादन के लिए रजिस्ट्रार के पद लगा दिया। याचिका में कहा गया कि कार्य संपादन के नाम पर अधिकतम छह माह के लिए ही नियुक्ति की जा सकती है। याचिका में गुहार की गई की गोविन्द शर्मा को रजिस्ट्रार पद से हटाकर पात्र व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए गोविन्द शर्मा के रजिस्ट्रार के तौर पर काम करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।