राजस्थान हाईकोर्ट ने मेरिट में आने के बावजूद भी अभ्यर्थी को तृतीय श्रेणी अध्यापक पद पर नियुक्त नहीं करने पर प्रमुख पंचायती राज सचिव, शिक्षा सचिव, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और पंचायती राज आयुक्त सहित दो अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के लिए एक पद सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश लक्ष्मीकुमारी गुर्जर की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का चयन तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2016 में हुआ था। विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन के दौरान उसे यह कहते हुए नियुक्ति से वंचित कर दिया कि उसने एसबीसी प्रमाण पत्र पेश नहीं किया।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की ओर से बाद में प्रमाण पत्र भी पेश कर दिया गया, लेकिन उसे नियुक्ति नहीं दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए एक पद सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।