राजस्थान सरकार ने प्रदेश में संचालित हो रहे करीब 61000 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों को नया नाम दिया है। अब ये केन्द्र 30 मार्च से आंगनबाड़ी पाठशाला कहलाएंगें। साथ ही राज्य के महिला व बाल विकास मंत्रालय ने इनमें बड़ा शिक्षण सुधार किया है।
इन केन्द्रों को अब प्री—स्कल के तौर पर संचालित किया जाएगा। इन केन्द्रों में करीब 15 लाख बच्चे आते है। आंगनबाड़ी पाठशालाओं में शिक्षण व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने वर्कबुक की व्यवस्था की है। इन वर्कबुक को किलकारी, उमंग और तरंग नाम दिया गया है। किलकारी वर्कबुक तीन—चार वर्ष तक के बच्चों के लिए होगी। जबकि उमंग चार—पांच वर्ष व तरंग वर्कबुक पांच—छह वर्ष तक के बच्चों के लिए होगी।
इन वर्कबुक को सीरीज के हिसाब से डिजाइन किया गया है। तरंग वर्कबुक में विमुद्रीकरण को भी जगह देते हुए चित्रों के माध्यम से एक रुपए से लेकर 2000 रुपए तक के नोट को भी जगह दी गई है।
राज्य की महिला व बाल विकास मंत्री अनीता भदेल के अनुसार अनुसार शिक्षण की यह नई व्यवस्था बच्चों के आधार को मजबूत करेगी।