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गुर्जर आरक्षण को लेकर सरकार ने दिया ये नया फार्मूला, इस पर भी फंसा पेच

Wed, 29 Nov 2017 06:38 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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आरक्षण मुद्दे पर बैठक की जानकारी देते किरोड़ी सिंह बैंसला - फोटो : अमर उजाला
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गुर्जर आरक्षण मामले में अब नया पेच फंस गया है। इस वजह से आज राज्य सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच हुई वार्ता बिना किसी नतीजे पर पहुंचे खत्म हो गई।
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राजस्थान में गुर्जर आरक्षण का मामला अदालती विवाद और कानून की पेचीदगियों में फंसा हुआ है। इस मामले को सुलझाने के लिए आज जयपुर में आज मंत्रियों के समूह और गुर्जर आरक्षण से जुड़े नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक के बाद मंत्रियों की ओर से कहा गया कि मामला बातचीत से निपटा लिया जाएगा। सरकार ने गुर्जर नेताओं की ओर से दिए प्रस्ताव पर विचार के लिए समय मांगा है। 

दूसरी तरफ, गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का कहना है कि आज बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला। गुर्जर समाज को ओबीसी में आरक्षण मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत दिए जा रहे 50 फीसदी आरक्षण में ही चाहिए। 
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ये है सरकार का नया फार्मूला

सचिवालय जयपुर
जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से बैठक में इस विवाद को सुलझाने के फार्मूला रखा। इसके अनुसार, मौजूदा ओबीसी आरक्षण में गुर्जर समेत पांच अन्य जातियों को आरक्षण देने के साथ एक फीसदी अलग से अति पिछड़ा वर्ग के नाम से श्रेणी बनाकर आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा। 

गुर्जर नेताओं ने इस फार्मूले को मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि ओबीसी को वर्तमान में दिए जा रहे आरक्षण का वर्गीकरण करते हुए उन्हें इसी में से से पांच फीसदी आरक्षण दिया जाए। यानि कि ओबीसी के 21 फीसदी आरक्षण में से पांच फीसदी केवल गुर्जर समेत पांच जातियों को दी जाए। 

गुर्जरों की इस मांग पर विचार के लिए  मंत्रियों ने समय मांगा है। सरकार चाहती है कि किसी तरह यह मामला गुजरात चुनाव तक टल जाए।   
 
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