राजस्थान में लंपी बीमारी से गोवंश दम तोड़ रही हैं। इसको लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गहलोत सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार गोवंश के प्रति असंवेदनशील है। इसलिए राजस्थान में लाखों गायों ने दम तोड़ दिया है, फिर भी राजस्थान सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है।
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लंपी को लेकर गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दस लाख गाय लंपी से ग्रसित हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर तमाम कोशिशों के बाद भी संक्रमण थम नहीं रहा है।
राठौड़ ने आगे कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में 'गौवंश' की रक्षा की जिम्मेदारी से भाग रही है। केंद्र ने गाय को लंपी बीमारी से बचाने के लिए टीका बनाया है लेकिन गहलोत सरकार ने कोई नीति भी नहीं बनाई है कि टीकाकरण कैसे किया जाए। उन्होंने आगे गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का उदाहरण दिया, जहां लंपी बीमारी को कंट्रोल कर लिया गया है।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि गहलोत सरकार को गायों की रक्षा की चिंता नहीं है। ऐसा लगता है कि गायों की सुरक्षा हिंदू धर्म से जुड़ी हुई है इसलिए सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री ज्यादातर समय दिल्ली में व्यस्त रहते हैं। यही उनकी तुष्टीकरण की राजनीति और इस्लामी सोच को दर्शाता है।