प्रदेश की जेलों में आए दिन संदिग्ध वस्तुएं मिलने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला प्रतापगढ़ जेल से जुड़ा है जहां अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया तो वे चौंक गए।
दरअसल, पुलिस प्रशासन को प्रतापगढ़ जेल में संदिग्ध वस्तुएं होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी। इस पर बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम जेल में निरीक्षण करने पहुंची। यहां टीम के आने के भनक लगते ही जेल में बंद कैदियों में अचानक हड़कंप मच गया। यहां तक कि जेल की एक बैरक से कुछ तोड़ने की आवाज सुनाई दी। इस पर जाकर देखा तो कुछ मोबाइल टूटे हुए पड़े थे। ये देख चौकन्ने हुए पुलिस अधिकारियों ने आसपास की अन्य बैरकों का भी सघनता से निरीक्षण किया।
इस पर मौके से 14 मोबाइल, तीन चार्जर, चाकू सहित करीब 300 रुपए भी बरामद हुए। अब पुलिस और जेल के अधिकारी जांच करने में जुटे हैं कि इतनी संख्या में मोबाइल और अन्य वस्तुएं जेल में कैसे पहुंची। सूत्रों का कहना है कि जेल की दीवार की ऊंचाई कम होने के कारण आए दिन संदिग्ध वस्तुएं जेल परिसर में फेंक दी जाती है जो यहां कैदियों के हाथ लगती हैं। हालांकि, कोई भी अधिकारी इस सम्बंध में अभी कुछ भी कहने से बचते दिखे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जोधपुर जेल में भी निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को बड़ी संख्या में मोबाइल, मोबाइल सिम और चार्जर बरामद हुए थे।