विधायकों ने मंत्री के सामने सरकारी तंत्र की जमकर पोल खोली। किसी ने खस्ता हाल स्कूलों का मामला उठाया तो किसी ने कृषि विभाग की लापरवाही उजागर की।
कोटा के टैगोर हॉल में आज कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। करीब चार घंटे चली इस बैठक में विधायकों ने सरकारी तंत्र पर सवाल उठाए। विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति पर लगाए जाने से बिगड़ी स्कूली शिक्षा के हालत बयां किए तो विधायक हीरालाल नागर ने कृषि अधिकारियों की पोल खोली।
विधायक विद्याशंकर नंदवाना ने मौसमी बीमारियों, कैथून में भूमाफियाओं के आंतक से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया। विधायक संदीप शर्मा और प्रहलाद गुंजल ने भी जनता से जुड़ी कई समस्याओं को बैठक में रखा। विधायकों की समस्याओं को सुनने के बाद मंत्री प्रभुलाल सैनी ने सांगोद के एडिशनल डायरेक्टर एग्रीकल्चर को एपीओ करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडावरा में चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही काम में लापरवाही और बैठक में नदारद रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही।
इस दौरान जो अधिकारी लेट पहुंचे,वह भी बैठक में भाग लेने से वंचित हो गए। बैठक में अधिकारियों ने विभागवार जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर प्रगति रिपोर्ट पेश की और कमियों के संबंध में मंत्री प्रभुलाल सैनी ने सुधार के निर्देश दिए। दीगोद में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स के मामले को लेकर भी बैठक में विचार विमर्श हुआ।