पाकिस्तान के साथ मुनाबाव में हुई डीआईजी स्तर की वार्ता में भारत की ओर से कई मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया गया है। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के 13 सदस्यीय दल ने इस वार्ता में हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्य रुप से पाकिस्तान से कहा गया है कि मुनाबाव रेलवे स्टेशन की ओर से पाकिस्तान गलत तरीके से टीन शैड लगा रहा है जिसे रोका जाए। गौरतलब है कि नियमों के मुताबिक कोई भी देश अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 150 मीटर दूर तक ही किसी भी प्रकार का निर्माण कर सकता है। जबकि पाकिस्तान सीमा के 100 मीटर की दूरी पर ही निर्माण कर रहा है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक पाकिस्तानी क्षेत्र में शिकारियों की बढ़ती गतिविधियों और बॉर्डर के नजदीक शिकारियों का फायरिंग का भी भारत ने विरोध दर्ज कराया है।
मुनाबाव पर इस तरह की मीटिंग का आयोजन 15 माह बाद किया गया था। इससे पूर्व ऐसी मीटिंग पिछले वर्ष जनवरी में आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त पकिस्तान की ओर से बढ़ती घुसपैठ को लेकर बीएसएफ की ओर नाराजगी दर्ज कराई गई है।
बीएसएफ सूत्रों के अनुसार दोनों देशों की ओर से इस मीटिंग में बॉर्डर पिलर वेरिफिकेशन, उनके निर्माण अभियान को लेकर सहमति जताई गई है। वहीं मानसिक रुप से विक्षिप्त लोग जो बॉर्डर के दूसरी ओर चले गए है उनकी पूरी जांच के बाद एक—दूसरे को सौंप दिया जाएगा। इस पर भी बैठक के बाद सहमति जताई गई है।
भारत की ओर से 13 सदस्यीय दल का नेतृत्व बीएसएफ भुज कमाण्डर सेक्टर डीआईजी आई के मेहता ने किया। जबकि पाकिस्तानी दल का नेतृत्व सिंध रेजर्स के डिप्टी डायरेक्टर नाजिर हुसैन ने किया।
भारतीय दल में बाड़मेर सेक्टर डीआईजी प्रतुल गौतम, बीएसएफ राज फ्रंटियर डीआईजी रवि गांधी, जैसलमेर सैक्टर साउथ डीआईजी नरेश कुमार, गुजरात फ्रंटियर डीआईजी राजसिंह राठौर, गांधीनगर डीआईजी आर के सिंह, नई दिल्ली डीआईजी नवनीत मेहता मौजूद थे।