जैसलमेर में विवाह स्थलों के पंजीयन को लेकर अब नगर परिषद सख्त हो गई है। गौरतलब है कि राजस्थान विवह स्थल पंजीयन उपविधि 2010 के तहत शहरी क्षेत्र में स्थित सभी मैरिज हॉल का पंजीयन करवाना आवश्यक है लेकिन पिछले लम्बे समय से जैसलमेर में इस नियम की पालना को लेकर नगर परिषद उदासीन ही बनी हुई थी।
लेकिन प्रदेश में पिछले दिनों हुई दुर्घटनाओं के बाद अब नगर परिषद ने इस ओर कदम बढाने शुरू किये हैं और विवाह स्थलों के पंजीयन के लिये नोटिस जारी किया है। 5 साल बाद फिर नगरपरिषद विवाह स्थलों का पंजीयन करवाने के लिए जागी है गौरतलब है कि राजस्थान विवाह स्थल पंजीयन उपविधि 2010 जैसलमेर नगपरिषद क्षेत्र में लागू है। 2012 में इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए । शुरूआत में नगरपरिषद ने प्रयास किए और उसके बाद ढिलाई बरती। नतीजा यह रहा कि जैसलमेर नगरपरिषद क्षेत्र में एक भी विवाह स्थल का पंजीयन नहीं हो सका। अब नगरपरिषद एक बार फिर विवाह स्थल पंजीयन के लिए सख्ती के मूड में है। लेकिन धरातल पर यह स्थिति है कि शहर के अधिकांश भवन पंजीयन के नियमों पर खरे नहीं उतरेंगे जिससे उनका पंजीयन नहीं हो सकेगा। नगरपरिषद की ओर से विवाह स्थल पंजीयन को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है।
40 से अधिक स्थलों का पंजीयन नहीं हो सकेगा
विवाह पंजीयन की श्रेणी में जैसलमेर शहर के 40 से अधिक भवन नियमों में नहीं आ रहे हैं केवल चार ही ऐसे स्थल है जिनका पंजीयन संभवतया हो सकता है। मुख्य रूप् से व्यास बगेचीए भाटिया मेरिज गार्डरए पुष्करणा बेरा बगेची व पुष्करणा वृद्धाश्रम शामिल है। इसके अलावा शहर के भीतरी हिस्सों में स्थित नोहरे व भवन पंजीयन के सख्त नियमों में नहीं आ रहे हैं जिनका पंजीयन करवाना मुश्किल हो सकता है।
विवाह आयोजन में पड़ सकता है खलल
नगरपरिषद ने चेतावनी दी है कि 7 दिवस में पंजीयन नहीं करवाया गया और उसके बाद कोई भी बिना अनुमति के आयोजन किया गया तो नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए विवाह स्थल को सीज किया जाएगा। साथ ही न्यायालय में वाद भी दायर किया जाएगा। नगरपरिषद ने आम नागरिकों से अपील की है कि विवाह स्थल लेने से पूर्व उनका पंजीयन प्रमाण पत्र देख लें ताकि बीच कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
नगर परिषद जैसलमेर के आयुक्त झब्बरसिंह का कहना है कि विवाह स्थलों का पंजीयन अनिवार्य है। इसके लिए सभी विवाह स्थलों को पूर्व में भी नोटिस दिए गए थे लेकिन जैसलमेर में एक भी विवाह स्थल का पंजीयन नहीं हुआ। ऐसे में अब दस्तावेज पूर्ण कर नियमानुसार 7 दिन में पंजीयन करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पंजीयन नहीं करवाने की स्थिति में वहां किसी भी तरह का शादी समारेाह आदि नहीं करवाया जा सकेगा।