डिजिफेस्ट में कई ऐसे ऐसे एप सामने आए जिनके बारे में सोचना भी बेहद मुश्किल हैं। युवा बड़ी बड़ी मुश्किलों के आसान हल निकालने में जुटे हैं, वो भी तकनीक की मदद से। ये सभी उदयपुर स्थित मोहन लाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में डिजिफेस्ट के दौरान सामने आया।
जयपुर के विनायक का ‘चेट बोट’ पर्यटकों के लिए परफेक्ट गाइड का काम करेगा। उनका एप पर्यटकों के लिए चैटिंग का रोबोट है, जो उनके हर सवाल का जवाब देगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान के बारे में अपने सवालों के बारे में इसके जरिये जान सकेगा। चैट बोट में उसके लिखे हर सवाल का जवाब और उससे जुड़े लिंक यूजर को मिल जाएंगे। जिससे किसी भी स्थान के बारे में उसकी जिज्ञासाओं का समाधान होगा और पर्यटन स्थलों के बारे में परफेक्ट जानकारी लेकर भ्रमण कर सकेगा।
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जबावदेही तय करेगा सरकारी कर्मचारियों की
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जवाबदेही की टीम
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के रादोर, यमुनानगर स्थित जेएमआईटी से आए गौरव, मोहित, कुलविंदर और गौरव भी हेकाथॉन को लेकर बहुत रोमांचित नजर आए। टीम लीडर गौरव ने बताया कि वे एक ऎसा सॉफ्टवेयर बना रहे हैेंं जो दफ्तरों में सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगा। आम आदमी देख सकेगा कि उसके प्रकरण के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है और अभी क्या चल रहा है।
किसी भी सरकारी काम के लिए तय समयावधि में काम नहीं होने पर बताएगा कि किस व्यक्ति की लापरवाही के कारण काम अटका। इस सॉफ्टवेयर में विभाग और आमजन के लिए अलग-अलग पासवर्ड, लॉगिन रहेंगे जिसके माध्यम से वे इस पर काम कर सकेंगे।
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टोल बूथ पर मिलेगी लाइन से मुक्ति
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पीयूषी भार्गव और सौरव गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर की पीयूषी भार्गव और सौरव गुप्ता जो एप बना रहे हैं, वह आपको टोल बूथों पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति देगा। एसकेआईटी जयपुर की छात्रा पीयूषी कहती हैं कि एक शहर से दूसरे शहर की यात्राओं के बीच अक्सर लंबी लाइनें लगी होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और समय का भी अपव्यय होता है। ऎसे में वे जो एप बना रहे हैं, उसमें कोई भी व्यक्ति अपने सफर के शुरू में ही राह में आने वाले सारे टोल बूथों की गणना कर उसके हिसाब से पैसे ऑनलाईन ही जमा करा सकेगा।
इससे एक रसीद प्राप्त होगी, जिसे दिखाकर वह तत्काल टोल बूथ से निकल सकेगा। सौरव ने बताया कि राजस्थान में इस तरह की पहल युवाओं के लिए बहुत अच्छा अवसर है और इससे पूरी दुनिया में राजस्थान के बारे में बहुत अच्छा संदेश जा रहा है।
जाड़न से आए अक्षय कुमार और बीएनयू उदयपुर की सिद्धि ओसवाल व प्रिया मिश्रा डिजिटल इंडिया डिजिटल होम की थीम पर काम कर रहे हैं। वे एक ऐसा एप बना रहे हैं, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति अपने घर की सिक्योरिटी को लेकर निश्चिंत हो सकेगा।
एप के जरिए व्यक्ति जान सकेगा कि उसके घर के आसपास कितनी दूरी पर कौन व्यक्ति है। इसके अलावा घर की लाइट्स, व अन्य उपकरण भी इससे संचालित होंगे। वहां का तापमान, आर्द्रता आदि के बारे में भी उसे जानकारी मिल सकेगी।
जयपुर के आर्या कॉलेज के बीटेक के विद्यार्थियों के द्वारा एक ऐसा एप तैयार किया जा रहा है जो सिर्फ एक क्लिक पर रोगी के घर पर डॉक्टर और दवाई भेज देगा।
इस दल की प्रिया गोयल ने बताया कि गांवाेंं में चिकित्सा सेवाओं के अभाव में किसी की मौत न हो इस उद्देश्य से इस एप का निर्माण किया गया है। ‘डॉक ऑन डो’ नामक इस एप में रोगी को एक क्लिक पर डॉक्टर और दवाई मुहैया करवाने की सुविधा तो होगी ही, इसके साथ ही एक विशेष सुविधा यह होगी कि इसमें वॉइस मैसेज भेजने का फिचर भी होगा जिसके माध्यम से अंग्रेजी नहीं समझने वाले व्यक्ति भी अपने स्मार्टफोन पर इस एप की मदद से वाईस मैसेज भेजकर मदद प्राप्त कर सकेगा।
प्रिया ने बताया कि इस एप में चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए मेडिकल इश्योरेंस की तर्ज पर मासिक और वार्षिक प्लान भी तैयार किया जा रहा है।