कांग्रेस की अनुशासन समिति ने गहलोत गुट के नेताओं को 48 घंटे में कारण बताओ नोटिस का जवाब देने को कहा था। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने नोटिस का जवाब कांग्रेस की अनुशासन समिति को भेज दिया है। उन्होंने अपना जवाब ईमेल के जरिए भिजवाया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार महेश जोशी ने अपने जवाब में जिस दिन विधायक बैठक में नहीं पहुंचे थे, उस दिन की परिस्थितियों की जानकारी दी है। जवाब में जोशी ने बताया कि शांति धारीवाल के घर पर विधायक खुद ही स्वेच्छा से पहुंचे थे। उन्होंने किसी भी विधायक को फोन करके बैठक में नहीं बुलाया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जवाब देने के अंतिम दिन नोटिस मिला था।
महेश जोशी ने बताया कि एआईसीसी की ओर से ई मेल पर नोटिस मिला था। उन्होंने नोटिस पावती की सूचना एआईसीसी को ईमेल से भेजी थी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले वे एआईसीसी में जाकर नेताओं को अपनी सफाई दे चुके हैं। महेश जोशी ने अपना जवाब दे दिया है। गहलोत गुट के तीनों नेता महेश जोशी, शांति धारीवाल और धर्मेंद्र राठौड़ ने अपना जवाब दे दिया है। अब उनके जवाब का अध्ययन करने के बाद ही आलाकमान आगे की रणनीति तय करेगा।
बता दें कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे और अजय माकन जयपुर भेजे गए थे। वे विधायकों के साथ बैठक कर सीएम को लेकर बात करना चाहते थे लेकिन विधायक उस बैठक में पहुंचे ही नहीं। वे शांति धारीवाल के घर पर हुई बैठक में शामिल हुए और विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। ये सारा मामला सचिन पायलट को सीएम बनाए जाने की खबर के विरोध में हुआ।
गहलोत गुट के कांग्रेस के विधायकों की बगावत के मामले को आलाकमान ने गंभीरता से लिया था। इसको लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 10 दिन में जवाब देने को कहा था। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा हैं कि वे अपना जवाब दे चुके हैं।