सात साल पहले वह मजदूरी की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन आज तक नहीं लौटा। उसके इंतजार में बूढ़ी मां और पत्नी की आंखें आज भी इंतजार कर रही हैं। बच्चे भी ये सोचकर मासूस रहते हैं कि आखिर उनके पिता कहां गए। आखिरकार सब जगह अर्जी लगाने के बाद थकहारकर घरवालों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सहायता करने की गुहार लगाई है।
मामला सीकर जिले के दादिया थाना इलाके के जेरठी गांव से जुड़ा है। यहां का रहने वाला महेंद्र कुमार उर्फ रोशन मजदूरी करता था। पत्नी किरण देवी का कहना है कि 30 मार्च 2010 को गांव का ही रहने वाला महावीर पुत्र मूलाराम उसके पति रोशन को अपने साथ लेकर गया था।
उसके बाद से ही पति का कोई सुराग नहीं मिला। काफी तलाश किया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी पति के बारे में नहीं मिली। बेटे के इतने साल बाद भी कोई पता नहीं लगने पर बूढ़ी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पत्नी भी सभी घरवालों को हिम्मत देती है, लेकिन अकेले में खुद के आंसू नहीं रोक पाती।
पुलिस से लेकर मंत्री तक सब जगह पति को ढूंढने के लिए गुहार लगाई। इसके बावजूद कोई पता नहीं लगा। अब थकहारकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है और पति को ढूंढने के लिए गुहार लगाई है।