जोधपुर बंद को लेकर जानकारी देते समाज के नेता
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महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुए विवाद के बाद विभिन्न दलित संगठनों ने 8 जनवरी को जोधपुर बंद का आह्वान किया है।
भीमा कोरेगांव अत्याचार संघर्ष समिति जोधपुर के अध्यक्ष किशन खुडिवाल ने बताया कि भीमा कोरेगांव में 1818 में अपनी अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए 500 महार सैनिकों ने पेशवा बाजीराव की 28000 जवानों की सेना को हराया था, जिसके बाद उन्हें स्वाभिमान से जीने का अधिकार मिला। इस दिन को यादगार बनाने के लिए भीमा कोरेगांव में विजय स्तंभ का निर्माण करवाया गया था। इस घटनाक्रम के 200 वर्ष पूरा होने की खुशी में 3 लाख से अधिक बहुजन समाज के लोग भीमा कोरेगांव में एकत्रित हुए थे, लेकिन कुछ तत्वों ने दलितों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया।
इस हमले में एक दलित युवक की मौत हो गई और हजारों की संख्या में लोग घायल हो गए। इस घटनाक्रम के बाद समाज में भारी आक्रोश है। इसके विरोध में सभी दलित संगठनों ने 8 जनवरी को जोधपुर बंद का ऐलान किया है। संघर्ष समिति अध्यक्ष खुडिवाल ने जोधपुर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों से इसमें सहयोग करने की अपील की है।