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Karwa Chauth 2022: जानिए जयपुर में कब होगा चंद्रोदय, चांद न दिखे तो करें ये काम

Thu, 13 Oct 2022 02:41 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

इस बार करवा चौथ पर शुभ संयोग बन रहा है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आसमान साफ रहने की संभावना है। जिससे व्रतियों को चांद का दीदार करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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करवा चौथ - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पूरे देश में आज करवाचौथ का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। फिर बेसब्री से चांद का इंतजार करती हैं। ऐसे में सवाल है कि जयपुर में कब चंद्रोदय होगा। 

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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत 13 अक्टूबर यानी करवा चौथ पर जयपुर में आसमान साफ रहेगा। यहां चंद्रोदय रात के 08 बजकर 18 मिनट पर होगा। कहा जा रहा है कि इस बार करवा चौथ पर काफी शुभ योग बन रहा है। करवा चौथ पर सर्वार्थसिद्ध योग बन रहा है। ज्योतिष में इस योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। सर्वार्थसिद्धि योग से करवा चौथ की शुरुआत होगी। इसके अलावा शुक्र और बुध के एक ही राशि में यानी कन्या राशि में मौजूद होंगे। ऐसे में लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। वहीं बुध और सूर्य के एक राशि में मौजूद होने पर बुधादित्य योग बनेगा। वहीं शनि और गुरु स्वयं की राशि में मौजूद रहेंगे। इस तरह के शुभ योग में पूजा करना बहुत ही शुभ लाभकारी रहता है। 
 

करवा चौथ पर महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रहते हुए भगवान शिव, माता पार्वती, स्वामी कार्तिकेय, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा, आरती और कथा सुनती हैं। फिर इसके बाद चंद्रमा के दर्शन करते हुए अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाता है
 
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 03 मिनट तक
अवधि 1 घंटा 09 मिनट
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अगर चांद न नजर आए तो क्या करें
  • पंडितों के अनुसार करवा चौथ व्रत के दिन अगर आपको चांद नजर नहीं आता है तो महिलाएं अगले दिन सूर्योदय के बाद भोजन कर सकती हैं
  • मान्यता है कि करवा चौथ के दिन अगर चंद्रमा नहीं दिखाई पड़ता तो महिलाएं भगवान शिव के शीश पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन कर सकती हैं। चंद्रमा की पूजा करके व्रत पूरा किया जा सकता है
  • चांद न नजर आने पर चंद्रमा का आह्वान करें और विधि-विधान से पूजा करें
  • इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए पति की लंबी उम्र की कामना करें और व्रत पूर्ण करें
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्भवती, बुजुर्ग और बीमार महिलाएं अगर चंद्रदर्शन नहीं कर पाती हैं तो वे बिना चंद्रदर्शन ही व्रत का पारण कर सकती हैं
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