विवादित फिल्म पद्मावती के निर्माताओं को आखिर घुटने टेकने पड़े और फिल्म की रिलीज टल गई। लेकिन इतिहास से छेड़छाड़ के नाम पर प्रारंभ हुआ बवाल अभी थमा नहीं है। चित्तौड़ दुर्ग में महारानी पद्मिनी महल के बाहर लगा एक पत्थर करणी सेना के निशाने पर आ गया है। दरअसल इस महल के बाहर लग पत्थर पर लिखा है कि महारानी पद्मिनी के सौंदर्य की झलक यहां शीशे में दिखाई गई थी। यही करणी सेना की नाराजगी का कारण है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी करणी सेना के सदस्य पुरात्तव विभाग से इस पत्थर को हटाने के लिए ज्ञापन सौंप चुके है।
तथ्य बदलने की मांग की जा रही है
करणी सेना
रविवार को एक बार फिर से ज्ञापन सौंपकर इस पत्थर व गलत तथ्यों को हटाने की मांग की गई है। करणी सेना ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पत्थर को नहीं हटाया गया तो सेना आंदोलन को उग्र करेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी करणी सेना ने महल में लगे शीशों को तोड़ दिया था। वहीं लाइट एंड साउंड शो में भी बताए जाने वाले तथ्यों को बदलने की मांग की गई है। करणी सेना का आरोप है कि इस तरह की गलत जानकारियां ही बाद में इतिहास के साथ छेड़छाड़ का कारण बनती है।