राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर शहर में वैंडिंग और नॉन वैंडिंग जोन घोषित नहीं करने के मामले में बुलाने के बावजूद नहीं आने पर हवामहल जोन पश्चिम के उपायुक्त दिनेश पारीक को एक लाख रुपए के जमानती वारंट जारी कर 8 सितंबर को तलब किया है। अदालत ने निगम आयुक्त और सतर्कता आयुक्त के साथ जोन उपायुक्त को भी पेश होने के आदेश दिए थे।
इसके साथ ही अदालत ने अदालत में पेश निगम आयुक्त को कहा कि अफसरों की मिलीभगत से अतिक्रमण हो रहे हैं। निगम की ओर से ऐसे कितने अफसरों पर कार्रवाई की गई है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रक्षक सोसायटी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त और सतर्कता आयुक्त अदालत में पेश हुए। निगम प्रशासन की ओर से वैंडिंग जोन घोषित करने के लिए अदालत से छह माह का समय मांगा गया। जिसे देने से इनकार करते हुए अदालत ने 8 सितंबर को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने निगम आयुक्त को कहा कि यदि कार्रवाई करने में कोई प्रशासनिक या राजनीतिक दवाब आता है तो वे इसकी जानकारी अदालत में पेश करें, ताकि अदालत उन पर कार्रवाई कर सके।