कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं होता...एक पत्थर तो तबीयत से फेंक कर देख...यह शब्द भीलवाड़ा के नया आरजिया गांव के भैरूलाल के लिए सटीक साबित हो रहे हैं। भैरूलाल ने कोटा में अपनी मेहनत के जरिये जेईई—एडवांस एग्जाम में सफलता अर्जित कर अनपढ़ मां—बाप का नाम रोशन किया है।
कोटा के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाल भैरूलाल का जीवन भले ही अभावों में गुजरा हो, लेकिन अब उसने जेईई—एडवांस एग्जाम में सफलता हासिल कर कामियाबी की सीढ़ियों पर कदम रख दिया है। भीलवाड़ा के गांव नया आरजिया से ताल्लुक रखने वाला भैरूलाल अपनी आरजिया पंचायत का पहला छात्र होगा जो आईआईटी में प्रवेश लेगा। भैरूलाल ने जेईई-एडवांस में ओबीसी वर्ग में 1143वीं रैंक प्राप्त की तथा सामान्य श्रेणी में 6750वीं रैंक हासिल की है। भैरूलाल ने इससे पहले दसवीं बोर्ड में 88 प्रतिशत और 12वीं बोर्ड में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।