राजस्थान की भरतपुर जिला पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य आरोपों में जाट आंदोलनकारियों के खिलाफ करीब 30 मामले दर्ज किए हैं। इससे एक बार फिर जाट समुदाय के नेताओं में रोष व्याप्त है। जाट नेताओं ने इस कार्रवाई के खिलाफ फिर से संघर्ष करने की बात कही है।
दरअसल, भरतपुर—धौलपुर के जाटों को आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले दिनों जाट समुदाय के लोगों ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन के तहत आरक्षण की मांग कर रहे लोगों ने जाट नेताओं के नेतृत्व में रेलवे ट्रैक जाम कर दिए और सड़क मार्ग पर भी उग्र प्रदर्शन किया। कई जगह तोड़फोड़ की सूचनाएं मिली थी। हालांकि, सरकार की ओर से आरक्षण को लेकर सकारात्मक वार्ता के बाद जाट समुदाय ने आंदोलन वापस ले लिया।
इसके बाद अब पुलिस की ओर से विभिन्न थानों में आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य आरोपों में आंदोलनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार को जीआरपी थाना सहित कई पुलिस थानों में ये मामले दर्ज किए गए। इससे जाट समुदाय में एक बार फिर से रोष व्याप्त होने लगा है।
उधर, जाट नेता और विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने समर्थकों के खिलाफ मामले दर्ज होने पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि जब आंदोलन समाप्त हो गया तो इस तरह की कार्रवाई करना गलत है। जबकि इस तरह की कार्रवाई समझौते का उल्लंघन है। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए फिर से संघर्ष करने की चेतावनी दी है।