भारत—पाक सीमा से लगते जिलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदी मोबाइल सिम का उपयोग देश विरोधी गतिविधियों में किए जाने की सूचनाओं को देखते हुए सरकार ने कड़ी चेतावनी जारी की है। इसके अनुसार बेचने वालों के साथ—साथ सिम धारक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सरहदी जिले जैसलमेर में पिछले दिनों पकड़े गए संदिग्धों के पास मिले सिम कार्ड मिले है। इनसे वे पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भारत की सामरिक महत्व की जानकारी देते है। इसे देखते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है। वहीं सिम का गलत उपयोग होने पर मूल सिम धारक को भी नहीं बख्शा जाएगा।
कई मामलों में सामने आया है कि जिस व्यक्ति के नाम सिम कार्ड होता है, उसे पता ही नहीं होता। कूटरचित दस्तावेजों या फिर उस व्यक्ति की आईडी पर सिम कार्ड बेचने वालों से मिलीभगत कर सिम हासिल कर ली जाती है। ऐसे में जब उस सिम के जरिए कोई अपराध होता है तो आमतौर पर उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होती है जिसके नाम से वे सिम होती है।