फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब शान की सवारी होगी साइकिल, शहर के साथ लोगों को भी बनाएगी स्मार्ट

Sat, 12 Aug 2017 01:14 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
डेमो इमेज
विज्ञापन
लोगों को फिट रखने और वातावरण में प्रदुषण को थोड़ा कम करने के लिए अब एक नई पहल शुरु होने जा रही है। अब बीस साइकिल स्टेशन विकसित किए जाएंगे, यहां से साइकिल लीजिए और जाइये जहां जाना है।
विज्ञापन


स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी जयपुर में ईको फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जल्द शुरुआत हो सकती है। इस ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत लोगों को किराए पर साइकिल उपलब्ध की जाएंगी जिससे लोगों में स्वास्थ के प्रति जागरुकता तो बढ़ेगी ही साथ ही में सड़कों पर वाहनों और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट्स में भीड़भाड़ को भी कम किया जा सकेगा। 

जयपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 'पब्लिक बाइसाइकिल शेयरिंग'स्कीम शुरु की जाएगी जिसमें जयपुरवासी मामूली किराया देकर साइकिल से अपने दफ्तरों या अन्य कामों के लिए सड़कों पर निकल सकते हैं। पर्यटकों के लिए जयपुर घूमने के लिए भी ये स्कीम काफी लाभदायक साबित हो सकती है जहां वो यहां के खूबसूरत ट्यूरिस्ट स्पॉट्स को साइकिल पर बैठकर घूम सकेंगे।
विज्ञापन


योजना के प्रथम चरण में 20 साइकिल डॉकिंग स्टेशन राजस्थान यूनिवर्सिटी, त्रिमूर्ति सर्किल, सेंट्रल पार्क, न्यू गेट, विधानसभा, कैलाश मॉल बस स्टैंड, नगर निगम कार्यालय, रामबाग चौराहा, मोती डूंगरी, जनता स्टोर, नारायण सिंह सर्किल, गोविंंद मार्ग, दशहरा मैदान, आदर्श नगर, राजापार्क,एसएमएस अस्पताल, विवेकानंद मार्ग सी स्कीम, अजमेरी गेट, पांच बत्ती, गवर्नमेंट हॉस्टल, अल्बर्ट हॉल और जवाहर सर्किल शामिल हैं।

पब्लिक और टूरिजस्ट लोकेशन पर मिलेंगी सइकिलें

मैसूर में साइकिल डॉकिंग स्टेशन
योजना के पहले दौर में शहर के 20 पब्लिक और टूरिस्ट लोकेशन पर करीब 400 साइकिलें लाना प्रस्तावित है जहां डॉकिंग स्टेशंस से कोई भी किराए पर साइकिल लेकर निकल सकेगा। यदि इस योजना को जनता का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है तो शहर में और भी डॉकिंग स्टेशंस और साइकिलें लाई जा सकती है।

जानकारी के अनुसार इस स्कीम के लिए जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने दिल्ली एक फर्म के साथ करार किया है। योजना के शुरुआती चरण को शुरु करने के लिए करीब 1.10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा जहां करीब 20 डॉकिंग स्टेशंस को स्थापित करने में ही करीब साढ़े 5 लाख रुपए खर्च होंगे। 
विज्ञापन

जानिए, साइकिलों का क्या होगा किराया

डेमो इमेज
सूत्रों के अनुसार हर डॉकिंग स्टेशन पर करीब 20 साइकिलें उपलब्ध होंगी जिसके लिए उपभोक्ता को 10 रुपए प्रति घंटा के हिसाब से किराया देना होगा। साइकिल किराए पर देने से पहले ग्राहक से उसका पहचान पत्र और एक फॉर्म भरवाया जाएगा, ताकि कंपनी को साइकिल की लोकेशन और उपभोक्ता के बारे में जानकारी रह सके।

इस योजना को ज्यादा से ज्यादा फ्रेंडली बनाने के लिए कंपनी मोबाइल एप से साइकिल बु​किंग और आॅनलाइन बुकिंग जैसे नवाचार भी शुरु करेगी। हालांकि जयपुर से पहले इस तरह का कॉन्सैप्ट मैसूर और इंदौर जैसे शहरों में शुरु हो चुका है वहीं दिल्ली में भी 2010 के कॉमनवैल्थ खेलों के दौरान मेट्रो स्टेशन पर रेंटल साइकिल का कॉन्सैप्ट लाया गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें