राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को कहा है कि जेएलएफ के आयोजन के दौरान डिग्गी पैलेस के पास रहने वाले स्थानीय निवासी और उनके मेहमानों का वाहनों के साथ प्रवेश बंद नहीं किया जाए।
इसके साथ ही अदालत ने गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और अशोक नगर थानाधिकारी सहित डिग्गी पैलेस के संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश बनवारी लाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सर्वेश्वर चतुर्वेदी की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता गणेश चतुर्वेदी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता डिग्गी पैलेस के पास शिवाजी मार्ग पर रहता है। डिग्गी पैलेस के संचालकों ने 25 जनवरी से 29 जनवरी तक यहां साहित्य सम्मेलन कराने के लिए जगह किराए पर दी है। याचिका में कहा गया कि हर बार स्थानीय निवासियों को आवाजाही के लिए पास उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन इस बार इसकी ऑनलाइन व्यवस्था की गई। जिसके बारे में स्थानीय लोगों को सूचित नहीं किया गया। याचिका में कहा गया कि व्यवस्था के नाम पर आसपास के रास्तों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया है।
इसके अलावा बिना वाहन वाले स्थानीय निवासियों को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में याचिकाकर्ता की ओर से संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने स्थानीय निवासी को प्रवेश देने के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।