आयकर विभाग टीम ने बीते शनिवार (23 जनवरी) को राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी छापेमारी की थी। दरअसल, विभाग ने जयपुर के सर्राफा कारोबारी और दो रियल स्टेट डिवेलपर के यहां छापा मारा था। इसमें विभाग को पौने दो हजार करोड़ रुपये की दो नंबर की कमाई का पता चला था। हालांकि, आयकर विभाग की जांच अब भी जारी है। विभाग अभी अघोषित आय की गणना में लगा हुआ है। सर्राफा कारोबारी के यहां जांच में मिले सुरंग से अब विभाग के हाथ कई बेनामी संपत्ति के सबूत लगे हैं। इसके अलावा आयकर विभाग को दस्तावेजों और एंटीक सामग्री के साथ कोड वर्ड में लेन-देन का बहुत सारा ब्यौरा भी मिला है।
लेन-देन का ब्यौरा कोड वर्ड में मिलने के बाद अब आयकर विभाग के अफसर इसे डिकोड करने में लगे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोड वर्ड डिकोड होने पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति और बिना टैक्स चुकाए लेन-देन का पता चलेगा। फिलहाल सिल्वर आर्ट ग्रुप की अघोषित संपत्ति की गणना की जा रही है। बताया जा रहा है कि सिल्वर आर्ट ग्रुप अब चार जांच एजेंसियों के घेरे में है। अब स्टेट जीएसटी की चोरी की आशंका देखते हुए जल्द वाणिज्यिक कर विभाग भी जांच शुरू करने की तैयारी में है।
चौरड़िया ग्रुप पर छापेमारी के दौरान विभाग को जयपुर में 250 करोड़ रुपये की जमीन के दस्तावेज, अजमेर रोड पर जमीनों के निवेश के अलावा 430 करोड़ रुपये के कारोबार का पता चला। कई कंपनियों में फर्जी तरीके से निवेश करने के दस्तावेज भी मिले थे। इसके साथ ही इस ग्रुप द्वारा 133 करोड़ रुपये की कंपनी को फर्जी तरीके से खरीदने के दस्तावेज भी आयकर विभाग के हाथ लगे थे।