दुष्कर्म से आरोपों से घिरे संत और बाबाओं की लिस्ट में एक और नाम सम्मलित हो गया है। वह नाम है जैन मुनि शांति सागर का। शांति सागर जैन मुनि बनने से पूर्व कोटा में चाय बेचा करते थे।
जानकारी के अनुसार कोटा में एक शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बाहर उन्होंने दो वर्ष तक चाय की दुकान लगाई है। मध्यप्रदेश के गुना निवासी शांति सागर का असली नाम गिरिराज शर्मा। जैन मुनि बनने के बाद शांति सागर दो बार चार्तुमास के लिए कोटा भी आया। लेकिन उनका विवादों से नाता रहा है, इसलिए अधिकांश जैन समुदाय ने उनसे दूरी बनाकर रखी।
कोटा में भी उनके कुछ अनुयायी मौजूद हैं। हालांकि पहले के मुकाबले उनके अनुयायियों की संख्या काफी तेजी से घटी है।