जयपुर शहर की महिला उत्पीड़न एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने साली से दुष्कर्म करने और घटना से आहत होकर पीड़िता के आत्मदाह करने के मामले में अभियुक्त छोटूराम मीणा को दस साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने चंदवाजी निवासी इस अभियुक्त पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि 16 फरवरी 2015 को साढे अठारह वर्षीय आमेर निवासी पीड़िता ने केरोसिन छिड़क कर आत्मदाह कर लिया। अगले दिन पीड़िता ने एसएमएस के बर्न यूनिट में पुलिस को बयान दिया कि करीब डेढ माह पूर्व उसकी बड़ी बहन का जीजा उसके घर आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना की जानकारी जब उसने अपने घरवालों को दी तो उन्होंने बहन का घर टूटने का हवाला देकर कार्रवाई करने से रोक दिया।
पीड़िता ने यह भी बयान दिया कि दो साल पहले वह अपनी बहन के घर गई थी, तब भी उससे जीजा छोटूराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म की घटना से आहत होकर उसने केरोसिन छिड़क कर आत्मदाह कर लिया। बयान देने के अगले दिन पीड़िता की मौत हो गई। इस पर पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि मौत के समय वह चालीस दिन की गर्भवती थी।