कुपवाड़ा के पंजगाम में गुरुवार सुबह सेना के आर्टिलरी कैंप पर हुए हमले में सेना के तीन जवान शहीद हो गए, जिनमें से एक शहीद राजस्थान का सपूत है। दौसा के खेड़ला के रहने वाले सूबेदार भूपसिंह के शहीद होने की खबर से पूरा गांव गमजदा है, लेकिन सबके सिर गर्व से ऊंचे हैं।
कश्मीर में सुरक्षबलों को दोतरफा मोर्चे पर लड़ना पड़ रहा है। एक ओर स्थानीय लोगों की पत्थरबाजी है, तो दूसरी तरफ आतंकवादी हमले। दौसा के खेड़ला के रहने वाले सूबेदार भूपसिंह सेना की ईएमई यूनिट में तैनात थे। शहीद के गांव से मिली जानकारी के अनुसार भूपसिंह हाल ही में छुट्टियां बिताकर लौटे थे। शहीद सूबेदार भूपसिंह का पुत्र भी बिजेन्द्र सिंह भी आर्मी में ही सैनिक है। वर्तमान में बिजेन्द्र सिंह भी जम्मू—कश्मीर में ही तैनात है।
भूपसिंह के शहीद होने की खबर आते ही पूरे गांव का माहौल बदल गया। अधिकतर घरों में चूल्हा नहीं जलाया गया। वहीं शहीद के घर पर सुबह से ही भीड़भाड़ लगी हुई है। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही सुकमा में हुए माओेवादी हमले में राजस्थान के दो और लाल शहीद हुए थे। ये दोनों जवान सीआरपीएफ के थे और राजस्थान के सीकर और श्रीगंगानगर जिले के रहने वाले थे।