पहले व दूसरे विश्व युद्ध में जिस बैक्टीरिया का उपयोग जैविक हथियार के रूप में किया गया, वो अब शादी बारातों का मजा किरकिरा करने को तैयार है।
दरअसल अब राजस्थान के घोड़ों में खतरनाक और संक्रामक बीमारी 'ग्लैंडर्स' तेजी से फैल रही है। इस संक्रामक बीमारी की चपेट में इंसानों के आने की भी आशंका है। ऐसे में राजस्थान के पशुपालन विभाग ने इंसानों को घोड़ों व खच्चर से दूर रहने की अपील की है। अब जब शादी समारोहों का माहौल आ रहा है तो अपील की गई है कि समारोहों में घोड़े-घोड़ियों का उपयोग नहीं किया जाए।
जानकारों के अनुसार ग्लैंडर्स बैक्टीरिया का उपयोग पहले और दूसरे विश्व युद्ध में जैविक हथियार के तौर पर किया गया था। उस समय बैक्टीरिया को पानी में डालकर घोड़ों को पिला दिया गया था। यह बीमारी एक से दूसरे के स्पर्श से भी फैल जाती है। बीमारी होने पर घोड़ों की नाक में जख्म होने से खून बहने लगता है। इंसानों में भी इसके फैलने का खतरा रहता है।