रेगिस्तान के जहाज यानी ऊंट पर इन दिनों संकट के गहरे बादल मंडरा रहे हैं और आने वाले समय में शायद भावी पीढ़ी को ऊंट को तस्वीरों में ही देख पाए।
साल 2014 में राजस्थान के राज्य पशु घोषित किए जा चुके ऊंट की बिक्री पर पशुपालन विभाग ने कई तरह की बंदिशे लगा दी है। ऐसे में अब ऊंट राजस्थान के बाहरी राज्यों से बाहर नहीं जा सकता है। आज से शुरू हुए पुष्कर मेले में राजस्थान के पश्चिमी जिलों से ऊंट बेचने आए ऊंट पालकों की कई व्यथाएं सुनने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार पशुपालन विभाग द्वारा ऊंटो को लेकर बनाए गए सख्त कानून के तहत ऊंटो के परिवहन और उसे बाहरी राज्यों में बेचने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में ऊंटपालकों के पास इस बार पुष्कर मेले में ग्राहकों की भारी कमी हो गई है। वहीं ऊंटपालकों को करीब करीब आधे दामों पर अपने ऊंट बेचने पड़ रहे हैं।
पहले पुष्कर मेले में उत्तर प्रदेश,हरियाणा और गुजरात तक से व्यापारी इनकी खरीद फरोख्तगी के लिए आया करते थे मगर अब इनकी बिक्री पर प्रतिबंध के चलते पशु मेले में ऊंट खरीदने वालों की संख्या काफी हद तक घट गई है।