अजमेर के ब्यावर में शाहपुरा मोहल्ला में आयोजित हुए एक सत्संग समारोह में एक संत ने काफी विवादित प्रवचन दिया। राष्ट्रीय क्रांतिकारी संत जगदीश गोपाल ने हर हिंदू को अपने घर में लाइसेंसी हथियार रखने को कहा। साथ ही कहा कि गली-गली मंदर होने से देवताओं का अपमान होता है।
हालांकि संत ने हिंदुओं द्वारा हथियार रखने का तर्क केवल गाय की रक्षा करने के लिए दिया। क्रांतिकारी संत ने कहा कि हिंदू आतंकवादी नहीं, आनंदवादी है। मगर जो समय आ रहा है उसे देखते हुए हर हिंदू को लाइसेंस लेकर घर में हथियार रखना चाहिए।
गौमाता को बचाने के लिए हथियार उठाना गलत नहीं है। गाय को बचाने के लिए किसी को मारना पड़े या खुद मरना पड़े तो चिंता मत करना। गौ हत्यारे को मारने वाले के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।
महाराज ने कहा कि गली-गली में मंदिर बनाकर देवताओं का अपमान किया जा रहा है। हर समाज अपना अलग मंदिर बना रहा है। शर्मनाक है कि हिंदू समाज मंदिरों में बंट गया है। इस तरह अखंडता खत्म करने की बजाय संगठित होकर राम मंदिर बनवाओ।
गाय नहीं देती वोट इसलिए की जाती है उसकी उपेक्षा
संत जगदीश गोपाल के प्रवचन सुनने पहुंचे उनके भक्त
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संत जगदीश गोपाल ने कहा कि देश के नेताओं पर निशाना साधते हुए संत ने कहा कि गौमाता के हत्यारे नेता बनकर गली-गली में घूम रहे हैं। राजनेता ही हैं जो सत्ता में बैठकर गौ हत्या के लिए कत्लखानों के लाइसेंस जारी करते हैं।
संत ने कहा कि नेताओं के कारण अहिंसा की धरती पर 4 हजार कत्लखाने खुल गए हैं। प्रतिदिन 80 हजार गायों को सूर्योदय से पहले मार दिया जाता है। 100 करोड़ हिंदुओं की मां संकट में है। गौमाता के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है। संत ने कहा कि चुनाव में उसी नेता को वोट दें जो जीतने के बाद गौरक्षा का प्रण ले और गौमाता को दुश्मनों से बचा सके।
हर हिंदू के चार बच्चे हों
संत ने हिंदुओं की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि हर हिंदू के चार संतान होनी चाहिए। उन्होनें तर्क देकर समझाया कि सनातन संस्कृति में चार वेद, चार आश्रम, चार दिशा है तो बच्चे भी चार ही होने चाहिए। राजा दशरथ के भी चार पुत्र थे। वर्तमान में माता-पिता एक बच्चे से भी घबरा रहे हैं। अगर ऐसे ही संख्या घटती रही तो हिंदुओं का बीज भी नहीं मिलेगा।
सावन में ना पीएं दूध
संत ने कहा कि बल व बुद्धि विकास के लिए प्रतिदिन शुद्ध देसी गाय के दूध का सेवन करें। सावन मास में कभी दूध न पीएं। सावन के दूध में जहर होता है। इसीलिए सावन का दूध भगवान शिव को चढ़ाया जाता है। एकमात्र शिव में ही जहर पीने की क्षमता है।