हाईकोर्ट ने विकास कार्यों को लेकर दिए आदेशों की अवमानना करने के मामले में अफसरों को फटकार लगाई है।
10 साल पहले जारी आदेशों की अवमानना को लेकर महेंद्र लोढा की याचिका पर सुनवाई के दौरान आज राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में जस्टिस जीके व्यास और जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में जोधपुर कलेक्टर, जेडीए, नगर निगम व हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर सहित डीसीपी ट्रैफिक पेश हुए। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सभी से अतिरिक्त शपथ पत्र मांगा था, लेकिन निगम को छोड़कर किसी ने शपथ पत्र पेश नही किया। जिस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई।
इस दौरान जस्टिस जीके व्यास ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि 'आप लोगो को मालूम नही है ये चुने गए जनप्रतिनिधि है। चुनाव जीतना आसान नहीं है। यदि आप लोगो को आसान लगता है, तो एक बार चुनाव लड़कर देखें। हाईकोर्ट ने सभी अधिकारियों को अगली सुनवाई पर अतिरिक्त शपथ पत्र पेश करते हुए कोर्ट के आदेशों की पालना के लिए अंडरटेकिंग देने के लिए कहा है। सुनवाई के दोरान जेडीए ने कहा उनके पास विकास के लिए राशि नहीं है।