राजस्थान हाईकोर्ट ने सवारी ढोने वाले जुगाड़ को मोटर वाहन की श्रेणी में माना है। अदालत ने जुगाड़ चालक और उसके मालिक को आदेश दिए हैं कि वह जुगाड़ पलटने से मरने वाले के परिजनों को मुआवजे के तौर पर 4 लाख 94 हजार रुपए 6 फीसदी ब्याज सहित अदा करें।
न्यायाधीश बनवारी लाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश संतरा देवी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दुर्घटना के वक्त जुगाड़ सवारी ले जाने के काम कर रहा था। इससे साफ जाहिर है कि जुगाड़ के इंजन की क्षमता 25 क्यूबिक सेंटीमीटर से अधिक है और उसमें गियरबॉक्स भी लगा हुआ है। ऐसे में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2(28) के प्रावधानों के तहत वह मोटर वाहन की श्रेणी में माना जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत की ओर से क्लेम दावा खारिज करने के आदेश को भी रद्द कर दिया है।