गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुआ कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और कैप्टन हर प्रसाद
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विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) आरक्षण समाप्त कर गुर्जर समाज को वापस अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आरक्षण देने की नई अधिसूचना जारी करने के बाद गुर्जर समाज नाराज है। गुर्जरों ने मंगलवार को राज्य सरकार को आंदोलन की चेतावनी दे दी है। गुर्जर नेताओं के अनुसार 10 दिन बाद भरतपुर के पीलू का पुरा से ये आंदोलन शुरू होगा।
गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने इस संबंध में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र भेजा है। गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने बताया कि सरकार ने गुर्जरों के साथ धोखा किया है। इससे समाज में खासी नाराजगी है। इसको लेकर आंदोलन शुरु किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीलू का पुरा में 10 दिन बाद आंदोलन का आगाज होगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले दिनों एक अधिसूचना जारी कर राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों को 13 साल बाद पुन: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल कर लिया गया है। ये जातियां ओबीसी में भी अस्थाई रूप से शामिल हो पाई हैं।
इससे पहले इन जातियों विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) आरक्षण कोटे में शामिल थी। इन जातियों को ओबीसी में अस्थायी तौर पर शामिल किया गया है क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लम्बित है।
इस अधिसूचना से गुर्जर समाज नाराज है। समाज कहना है कि सरकार ने उनके साथ धोखा किया है। गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर का कहना है कि सरकार ने 13 साल के सघंर्ष और 72 लोगों के बलिदान के बाद एक बार फिर वहीं लाकर खडा़ कर दिया।
उनके अनुसार हम लोगों को सरकार ने धोखा दिया है। हम सरकार से आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर ही अलग से आरक्षण चाहते थे, लेकिन सरकार बार-बार हमें आरक्षण की सीमा लांघ कर आरक्षण दे रही है और इसका पुख्ता रास्ता नहीं निकाल रही है।