देश में जीएसटी को आर्थिक स्वतंत्रता के तौर पर देखा जा रहा है। सत्ता पक्ष के राजनेता से लेकर अर्थिक विशेषज्ञ तक जीएसटी को लेकर काफी सकारात्मक दिख रहे हैं। लेकिन जीएसटी डेढ़ लाख विद्यार्थियों के लिए प्रभावी नहीं नजर आ रहा।
जीएसटी राजस्थान में भी समान रुप से प्रभावी हो गया है। लेकिन यहां के कॉलेज के छात्रों को अभी पुराने टैक्सों से आजादी नहीं मिल सकी है। प्रदेश के 1400 कॉलेजों में पढ़ने वाले डेढ लाख से अधिक कॉमर्स के बच्चों को इस सत्र में उन टैक्सों की पढ़ाई करनी होगी, जो अब हमारी अर्थव्यवस्था हिस्सा ही नहीं है।
सिलेबस के साथ बंद हुए टैक्सों के जवाब उन्हें परीक्षा में भी देने होंगे। इसका प्रमुख कारण राजस्थान यूनिवर्सिटी सहित अन्य कई यूनिवर्सिटी ने इस सत्र का पाठ्यक्रम पिछले माह ही अप्रूव कर दिया था। जबकि जीएसटी इस माह से प्रभावी हुआ है।
हालांकि उदयपुर की सुखाड़िया यूनिवर्सिटी ने जीएसटी को इसी सत्र से पाठ्यक्रम में सम्मलित करने का निर्णय लिया है।