संपत्ति कुर्क करने के बाद भी ठेकेदार को भुगतान नहीं करने के एक मामल में जयपुर शहर के अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-10 ने समेकित बाल विकास सेवाएं के गांधीनगर स्थित कुर्कशुदा भवन पर ताला लगाकर अदालत में उसकी चाबी पेश करने को कहा है।
अदालत ने यह आदेश मुरलीवाला एग्रोटेक की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि यदि कुर्कशुदा संपत्ति में विभाग का कोई सामान या रिकॉर्ड मौजूद है तो उसे हटाने के लिए सेल अमीन अपने स्तर पर विभाग को दो दिन का दे। मुरलीवाला एग्रोटेक की ओर से अदालत को बताया गया कि फर्म आंगनबाडी केन्द्रो में पोषाहार वितरण का काम करती है। केन्द्र सरकार के न्यूट्रिशियन बोर्ड ने वर्ष 2007 में पोषाहार के नमूने लिए थे। इस दौरान ठेका फर्म ने करीब 26 लाख रुपए की राशि जमा कराई थी।
मध्यस्थ के आदेश पर विभाग ने फर्म की मूल राशि लौटाई, लेकिन बकाया ब्याज का भुगतान नहीं किया। इस पर अदालत ने गत वर्ष 27 जनवरी को फर्म के पक्ष में अवार्ड पारित किया। वहीं भुगतान नहीं करने पर अदालत ने गत छह नंवबर को विभाग की संपत्ति कुर्क कर दी।
ठेका फर्म की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि सरकारी कार्यालय होने के चलते कुर्क संपत्ति की नीलामी में बोलीदाताओं के आने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में यदि अदालत संपत्ति पर कब्जा लेकर नीलामी होती है तो संपत्ति की उचित कीमत मिल सकेगी। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सेल अमीन को कुर्कशुदा संपत्ति पर ताला लगाकर अदालत में उसकी चाबी पेश करने को कहा है।