राजस्थान के विकास के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के समय बनाई गई सागरमाल परियोजना के तहत जालौर में एक कृत्रिम बंदरगाह के विकास के लिए भी योजना बनाई गई थी। इसके बाद कांग्रेस की सरकार में इस योजना को ठण्डे बस्ते में डाल दिया गया था। देश के सड़क एवं पोत परिवहन मंत्री ने कहा कि सांचौर जो कि जालौर में है यह मेरा ड्रीम प्रोजक्ट है।
उन्होंने कहा कि मैं आज इसका जिक्र नहीं करूंगा। मैं यह चाहता हूं कि राजस्थान का डीजल, पेट्रोल, पत्थर और राजस्थान का कपड़ा पूरा पानी के रास्ते विश्व और देश के बाजार में जाए। इसके लिए हम तैयारी कर रहे हैं। ऐसा सिर्फ तभी सम्भव है जब सांचौर में एक कृत्रिम बंदरगाह विकसित किया जाए। विषम जलवायु वाले राजस्थान को सीधे समुद्र से जोड़ने का यह प्रोजेक्ट पूर्व में अटल बिहारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने तैयार किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार ने उद्योगपति गौतम अडाणी से भी इस सम्बंध में वार्ता की थी।
इसके लिए सांचौर के नेहड़ क्षेत्र के भवतड़ा में बंदरगाह विकसित किया जाएगा। इसके लिए गुजरात में स्थित कच्छ के रण से एक नहर बनाई जानी है। इससे समुद्र का पानी भवतड़ा तक पहुंच जाएगा। इस पानी से यहां पर एक गोदी विकसित की जाएगा। इस गोदी को बाद में इंदिरा गांधी नहर परियोजना से भी जोड़ने की योजना है, ताकि राज्य के पांच जिले जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर बीकानेर, गंगानगर और हनुमागढ़ से भी नौपरिवहन किया जा सकेगा।