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नाबालिग के लिए हीरोइन साबित हुई सहेली, क्लाईमेक्स भी सुखद

Mon, 01 May 2017 10:31 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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सब कुछ फिल्मी पटकथा जैसा और क्लाईमेक्स भी सुखद। घटना अलवर के रामगढ़ तहसील के एक गांव की है। जहां एक नाबालिग की जिंदगी उसकी सहेली ने खुशियों से भर दी और एक हीरोइन जैसा रोल अदा किया।
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दरअसल सुनीता कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा है और वह नाबालिग है। घरवाले जबरन उसकी शादी उसकी बड़ी बहिन की शादी वाले दिन 27 अप्रेल को ही कराना चाहते थे। जब सुनीता ने विरोध किया तो परिजनों ने उसका घर से निकलना बंद करा दिया और उसे परीक्षा देने भी नहीं जाने दिया। जब सुनीता पेपर देने नहीं पहुंची तो सहेली विनीता ने उससे सम्पर्क किया। इसके बाद विनीता ने उससे एक शिकायती पत्र लिखवाया।

इसके बाद विनीता ने एक वकील की मदद ली और शिकायती पत्र लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंच गई। यह पत्र उसने एसजेएम दिनेश कुमार का सौंपा। सुनीता ने पत्र में शिकायत दी है कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती और उसके परिजन उसे धमका रहें है।
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शिकायत आते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आदेश दिए गए। साथ ही सुनीता के गांव पहुंचकर उसके परिजनों को शादी नहीं करवाने के लिए पाबंद किया गया। सुनीता की सहेली के साहस दिखाने के कारण यह संभव हो सका।
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अब बताया जा रहा है कि सुनीता के परिजनों को भी यह समझ आया है कि नाबालिग का विवाह नहीं कराया जाना चाहिए।
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