राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आए दिन विवादों में रहने वाले शिक्षा मंत्री को लेकर बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने तो यहां तक कह दिया कि ऐसे मंत्री को पद से तुरंत हटा देना चाहिए।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अजमेर में रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत बोले कि सरकार को लाल बत्ती हटाने की बजाय जनप्रतिनिधियों और आमजन के बीच बढ़ रही दूरी को पाटने का काम करना चाहिए। केन्द्र हो या राज्य सरकार आए दिन नए जुमलों के साथ जनता को गुमराह करने का काम कर रही है जबकि उसे जनता के हित में फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस नोटबंदी का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इतना गुणगान कर रहे हैं उससे कितना काला धन बाहर आया ये तो बताएं। अब तक तो उन्होंने इसके आंकड़े भी जनता के सामने प्रस्तुत नहीं किए।
इस दौरान अशोक गहलोत ने प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी को लेकर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री वह होता है जो शिक्षक की तरह व्यवहार करे और मृदृभाषी हो, लेकिन यहां तो सब उलटा है। सूबे के शिक्षा मंत्री तो आए दिन लक्ष्मण रेखा लांघ देते है जिसके कारण उन्हें सुर्खियां मिलती है। गहलोत ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को तो शिक्षा मंत्री के पद से तुरंत हटा देना चाहिए। इसके लिए वह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मांग करते हैं।