जीएसटी लागू होने के बाद राजस्थान में मिला जुला असर देखने को मिला। जीएसटी का जमकर विरोध करने वाले कपड़ा व्यापारी दुकानों पर लौटे, लेकिन मार्बल व्यवसायी बेमियादी हड़ताल पर चले गए। उधर, मूर्तिकला लघु उद्योग मंडल संस्थान की ओर से बेमियादी हड़ताल जारी है।
कई व्यवसाइयों ने जीएसटी लागू करने में परेशानी नहीं हो, तो इसके भी उपाय किए। जिसमें होटल व्यवसासियों ने दो या उससे अधिक दिन रुके मेहमानों को 30 को चेक आउट करवाकर और आज फिर चेक इन दिखाया, जिससे जीएसटी के अनुसार बिल बना सकें। इधर, इलेक्ट्रानिक आइटम्स की रेट में अंतर आ गया है।
जीएसटी लागू होने के बाद राजस्थान में व्यापारियों का धरना प्रदर्शन एकबारगी तो ठंडा पड़ गया। व्यापारियों ने दुकानें खोली तो सही लेकिन बिना पूरी तैयारी के असमंजस की स्थिति में रहे।
बड़े बाजार के नाम से जाने जाने वाले बिग बाजार, रिलायंस फ्रेश, ईजी डे, विशाल मेगा मार्ट, नेशनल हेंडलूम्स जैसी जगह में जीएसटी के अनुसार जो वस्तु सस्ती थी, उन्हें सस्ता किया गया और जो महेगी हो गई, उनकी बिलिंग उसी अनुसार की। लेकिन बाजारों और कॉलोनियों की दुकानों में लोगों को वस्तुओं की रेट में कोई अंतर नहीं लगा।
बजाज नगर निवासी रजनीश शर्मा ने बताया कि उन्हें घर के आस-पास की दुकानों से आज खरीदार की लेकिन उन्हें कच्ची पर्ची ही मिली। साथ ही, पास की दूसरी दुकान से बचे सामान की खरीदारी की, तो कच्ची पर्ची भी नहीं मिली।