राजस्थान में चीफ सेकेट्री की दौड़ में शामिल आईएएस के खिलाफ जमीन घोटाले को लेकर एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 में परिवाद पेश किया गया है।
परिवाद मानसरोवर इलाके में हुए कथित भूमि घोटाले को लेकर है। परिवाद पर अदालत 6 जुलाई को सुनवाई करेगी। अशोक पाठक की ओर से पेश परिवाद में तत्कालीन प्रमुख यूडीएच सचिव डी.बी. गुप्ता, जी.एस. संधू, राजस्थान आवासन मंडल के तत्कालीन चेयरमैन परसराम मोरदिया सहित तीन अन्य अशोक शर्मा, नानगराम और रामबाबू अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है।
परिवाद में कहा गया कि राज्य सरकार ने मानसरोवर स्कीम की आवासीय योजना के लिए वर्ष 2009 में झालाना रोड देवरी, गोल्यावास और सुखालपुरा की करीब ढाई हजार बीघा भूमि अवाप्त की। परिवाद में कहा गया कि अवाप्ति में शामिल सुखालपुरा की 35 बीघा भूमि को 1975 में ही न्यू पिंकसिटी सोसायटी ने खरीद दिया था।
ऐसे में सोसायटी ने रेफरेंस पिटिशन पेश कर मुआवजा सोसायटी के हक में जारी करने की गुहार की। यह रेफरेंस सिविल कोर्ट में वर्तमान में लंबित है। वहीं संबंधित खातेदारों ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोसायटी को ही मुआवजे का हकदार बताया। रेफरेंस लंबित होने के कारण यूडीएच ने मुआवजा राशि अदालत में जमा कर दी।