फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब भी गड्ढों में दबे हैं ये किसान, महिला किसानों के भी देखो हाल

Sat, 07 Oct 2017 12:42 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
किसान आंदोलन
विज्ञापन
धरतीपुत्र के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाने वाली सरकारें उनसे जमीन छिनने पर अमादा दिख रही हैं। कभी इंडस्ट्री तो भी शहरी योजनाओं के विस्तार के नाम पर ली जा रही जमीनों के कारण सरकार और किसानों के आमने-सामने होने की स्थिति भी सामने आ जाती है।
विज्ञापन



ऐसा ही कुछ जयपुर के नजदीक हो रहा है। यहां के नींदड़ गांव में बीते छह दिनों से किसान जमीन समाधि लिए है। लेकिन राज्य सरकार किसानों की समस्या का हल निकालने में असफल रही है। दरअसल जयपुर विकास प्राधिकरण इस गांव के नजदीक 1300 बीघा जमीन में नई कॉलोनी विकसित कर रहा है। जिसके लिए जमीन आवाप्ति की गई है।
विज्ञापन

अन्नदाता है परेशान

फाइल फोटो।
जानकारी के अनुसार करीब 750 बीघा जमीन जिन किसानों की है वह अपनी जमीन जेडीए को नहीं देना चाहते है। इसलिए विरोध में उतरे किसान जमीन समाधि सत्याग्रह कर रहे है। गांधी जयंती से प्रारंभ हुआ सत्याग्रह अभी तक जारी है।

हालांकि जेडीए के अधिकारियों से किसान वार्ता कर चुके है, लेकिन अभी भी सत्याग्रह जारी है। वहीं किसानों ने अब आंदोलन तेज करने भी चेतावनी दी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें