भारतीय किसान संघ ने 15 जून को राजस्थान में संभागस्तर पर दिए जाने वाले पड़ाव से पहले राज्य सरकार को किसानों की समस्या दूर करने की मांग को लेकर 500 से ज्यादा ज्ञापन सौंपे है। संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि महापड़ाव के दौरान कोई अक्रोश भड़कता है तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
भारतीय किसान संघ की ओर से सोमवार को जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इसमें संघ पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया और कहा कि संघ की ओर से 15 जून को सभी संभाग मुख्यालयों पर महापड़ाव किया जाएगा। यह आंदोलन शांतिपूर्वक किया जाएगा, लेकिन इसमें यदि किसी बाहरी तत्व के कारण किसी भी तरह की अशांति होती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदेश महामंत्री कैलाश गंदौरिया ने बताया कि सरकार भले ही कांग्रेस की हो या बीजेपी दोनों ने ही किसानों के हित नीतियों को सही तरह से लागू नहीं किया गया। किसानों के हित में हम 500 से ज्यादा बार सरकार व उसके प्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। सरकार विधानसभा में किसानों की हित को लेकर विशेष सत्र बुलाए, जिसमें उनके हितों को लेकर चर्चा हो।
संघ ने कहा है कि राज्य सरकार वे केंद्र सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है। किसान को लागत का 50 प्रतिशत अलग से मूल्य देकर लाभकारी स्थिति में लाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन तीन साल बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया है। प्रदेशभर में होने वाले इस महापड़ाव में लाखों की संख्या में किसान एकत्रित होंगे।