किसानों की जमीन पर उनकी मर्जी के बगैर योजनाएं विकसित की जा रही हैं। इस कारण अन्नदाता गुस्से में है।
जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में बीते दस दिनों से गड्ढे में दबे किसान अपनी जमीन को बचाने के प्रयास में हैं। लेकिन सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति नहीं बनने से किसानों ने जमीन समाधि आंदोलन को और तेज करने का निर्णय किया है।
किसान समिति के नेताओं के अनुसार अब 1300 से अधिक किसान जमीन समाधि लेंगे। स्थानीय किसानों में इस बात की नाराजगी भी है कि सरकारी एजेंसियां सहमति बनाने के स्थान पर परेशानी बढ़ा रही हैं। गौरतलब है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने नींदड़ गांव की 1350 बीघा जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवाप्त की है।