राजस्थान में भाजपा के एक एमएलए के आधार कार्ड की कॉपी हासिल की और उसमें कांट—छांट कर एमएलए के नाम से मोबाइल की सिम हासिल करने का मामला सामने आया है। आरोपी इस सिम का उपयोग कई दिन से कर रहा था।
जयपुर के विद्याधर नगर विधायक नरपत सिंह राजवी ने बताया कि उनके नाम से किसी को मोबाइल सिम जारी होने बात सामने आई थी। इस शख्स ने ये सिम विधायक राजवी द्वारा किसी जगह दी गई आधार कार्ड की कॉपी में कांट—छांट कर हासिल की थी। इसकी जानकारी उन्हें करीब एक साल बाद लगा। इस पर उन्होंने जोधपुर के रातानाडा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
यह सिम इस थाना इलाके में खरीदी गई थी। इसके बाद ये मामला खांडा फलसा पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने जांच की तो इस मामले में बाड़मेर के धोरीमन्ना में गोदारों की ढाणी निवासी मांगीलाल पुत्र सुरजाराम का नाम सामने आया।
उसने राजवी के आधार कार्ड में हेरफेर कर मोबाइल की सिम हासिल की और दुरूपयोग करने लगा। जांच में उसका नाम सामने आने पर खांडा फलसा पुलिस ने परिवाद बनाकर रातानाडा थाने को भेजा। तब जाकर शुक्रवार को इस संबंध में रातानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। मामले की जांच एसआई बुधाराम की तरफ से की जा रही है।
उधर, विधायक नरपतसिंह राजवी ने बताया कि निदेशक यूआईडीएआई तथा केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा कर आधार जैसे दस्तावेजों की कॉपी संभावित दुरुपयोग की जानकारी दी।
राजवी का कहना है कि टोल प्लाजा आदि पर पहचान कार्ड को स्कैन किया जाता है। इसकी कॉपी निकालकर कोई भी दुरुपयोग कर सकता है। इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए या उसकी कॉपी नहीं निकलें ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए कम्प्युटर में प्रोग्रामिंग की जानी चाहिए।