राजस्थान हाईकोर्ट ने शास्त्रीनगर कब्रिस्तान में अतिक्रमण के मामले में अपने गत 5 दिसंबर को दिए आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी ने यह आदेश पूर्व में दिए आदेश को संशोधन करने के संबंध में दायर प्रार्थना पत्रों का निपटारा करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि यदि किसी को सरकारी आदेश से आपत्ति हो तो उसका निपटारा विधि अनुसार किया जाए। प्रार्थना पत्र में कब्जाधारियों की ओर से कहा गया कि कब्रिस्तान 33 बीघा 15 बिस्वा भूमि पर है। इस भूमि के अलावा अन्य जमीन पर उनका कब्जा वैध होने पर उन्हें वहां रहने दिया जाए और वहां से हटाने की कार्रवाई नहीं की जाए।
मामले के अुनसार हाईकोर्ट ने गत पांच दिसंबर को फिराजुद्दीन की याचिका पर कब्रिस्तान से छह माह में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। याचिका में कहा गया था कि कब्रिस्तान की भूमि पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। राज्य सरकार ने 1997 में यहां कार्रवाई की थी, जिसमें कुछ लोगों की मौत भी हुई थी। तब यहां अतिक्रमियों की संख्या 85 थी, जो अब बढकर 350 से अधिक हो गई है।