राजस्थान हाईकोर्ट ने आदर्श नगर स्थित खड्डा बस्सी के विस्थापितों को कहा है कि वे पुनर्वास के तौर पर मिल रहे फ्लैट के लिए दस फीसदी और भूंखड के लिए 25 फीसदी राशि आज ही जमा करवाकर बस्ती खाली कर आवंटन पत्र हासिल कर लें। ऐसा नहीं होने पर अदालत ने पूर्व में पेश एमओयू के तहत जेडीए को कार्रवाई करने को कहा है।
न्यायाधीश केएस अहलुवालिया और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश खड्डा बस्ती के प्रभावितों की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। प्रभावितों की ओर से अदालत को कहा गया कि जेडीए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए बिना उनका पुनर्वास कर रहा है। जबकि पहले वहां मूलभूत सुविधाएं पानी-बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। इस पर जेडीए जोन-10 के उपायुक्त ने अदालत को बताया कि नए स्थान पर पानी मुहैया करा दिया गया है। इसके अलावा आवेदन करने पर तुरंत बिजली कनेक्शन मिल जाएगा।
उपायुक्त ने अदालत को यह भी बताया कि 29 परिवारों को छोडकर सभी ने जयसिंहपुरा खोर स्थित दिए जाने वाले फ्लैट पर अपनी सहमति दे दी है। यहां 99 हजार, 84 हजार और 73 हजार रुपए में आवास मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके अलावा शेष परिवारों को पालड़ी मीणा में दो लाख 46 हजार रुपए में भूखंड आवंटित किए जाएंगे। यदि शेष विस्थापित भी फ्लैट लेना चाहे तो जेडीए देने को तैयार है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने विस्थापितों को राशि जमा करवाकर बस्ती खाली करने को कहा है।