देश में आपातकाल के दौरान जेलों में बंद रहे नेताओं को राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों का दर्जा देने की निर्णय किया है।
राजस्थान में केबिनेट की आज हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। दरअसल, देश में 26 जून 1975 को आपातकाल लगने से लेकर 1977 के दौरान मेंटीनेंस ऑफ इंटर्नल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) और डिफ़ेंस ऑफ इंडिया रूल्स (डीआईआर) के तहत बड़ी संख्या में नेताओं को जेल हुई थी। इन्हे मीसा बंदी एवं डीआरडी बंदी के तौर पर जाना जाता है।
इन नेताओं में अधिकांश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनसंघ से जुड़े रहे हैं। कुछ वामपंथी नेता भी उस समय जेल गए थे।