एचआईवी पॉजिटिव मरीज को लिए भटकते मरीज के परिजन
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एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के साथ शिष्ट व्यवहार करने के संबंध में सरकार की ओर से दी नसीहत की सरकारी डॉक्टरों ने ही खिल्ली उड़ा डाली। अक्सर विवादों में रहने वाले कोटा के एमबीएस अस्पताल में एक बार फिर गंभीर रोगियों के प्रति डाॅक्टरों की संवदेनहीनता देखने को मिली है।
कोटा के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में आज सुबह इलाज कराने आए एचआईवी पाॅजिटीव मरीज की अस्पताल में सारसंभाल नहीं हुई तो उसे प्राईवेट अस्पताल ले जाने की नौबत आ पड़ी। बताया गया है कि एचआईवी पाॅजिटिव रोगी को ब्रेन हेमरेज भी था। जिससे हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे एमबीएस अस्पताल लेकर आए थे, मरीज को अस्पताल में ना तो स्ट्रेचर मिला और ना ही बेड नसीब हुआ।
मरीज के परिजन दो घंटे तक उसे भर्ती करवाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डाॅक्टरों से भी गुहार लगाई, लेकिन किसी ने मरीज की तरफ ध्यान नहीं दिया। इसके बाद परिजनों ने थक हारकर प्राईवेट अस्पताल का रूख किया। इस मामले पर अपनी सफाई में एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक पीके तिवारी ने कहा कि हम मरीज को भर्ती कर रहे थे लेकिन उसके परिजन उसे बगैर बताए अस्पताल से ले गए।